आयुर्वेदिक दवा और उसके फायदे

 

आयुर्वेद एक स्वस्थ जीवन जीने का महत्वपूर्ण रास्ता है , जो न केवल हमे हजारों साल से चले आ रहे स्वास्थ प्रणाली को जोड़ता है बल्कि एक रोग प्रतिरोधक शरीर भी प्रदान करता है। आयुर्वेद कई रोगों और उसके उपचार तथा स्वस्थ जीवन जीने के तरीके बतलाता है।  इस आधुनिक विश्व में बदलते खान- पान, नई-नई क़िस्म की बीमारियां और उनके इलाज में आयुर्वेद का महत्वपूर्ण योगदान है।  


आयुर्वेद का महत्व:-


आयुर्वेद एक पाँच हजार साल पुरानी चिकित्सा प्रणाली है। इसका उपयोग लम्बे से चली आ रही बिमारियों को ठीक करने में  है।  आयुर्वेद हमारे शरीर के लिए बहुत लाभकारी है। आयुर्वेद की दवा को इस्तेमाल से जीवन सुखी, तनाव मुक्त, रोग मुक्त बनाता है।  ठीक वैसे ही वैदिकरूट्स आयुर्वेदा कैप्सूल्स हमारे रोज की भागा-दौड़ी का साथी बनके हमे तनाव और रोग मुक्त बनाने में सहयोग प्रदान करता है। वैदिकरूट्स आयुर्वेदा कैप्सूल्स रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहयोग करता है।


वैदिकरूट्स आयुर्वेदा की अपनी वेबसाइट है।  जहाँ पर आप रोग प्रतिरोधक  कैप्सूल्स जैसे कई और कैप्सूल्स खरीद सकते हैं। ये कैप्सूल्स बहुत सारे बिमारियों को ठीक करने में सहयोग करती है।  वैदिकरूट्स आयुर्वेदा अमला कैप्सूल्स के सेवन और सही खान-पान  से बाल स्वस्थ और मजबूत होते हैं। वैदिकरूट्स आयुर्वेदा ब्राह्मी कैप्सूल्स  हमारे मस्तिष्क को फायदा पहुंचाती है। वैदिकरूट्स आयुर्वेदा नीम कैप्सूल्स हमारे खून को साफ़ करने में सहयोग करता है।  ऐसे ही और भी  वैदिकरूट्स आयुर्वेदा कैप्सूल्स हैं जो कई और बिमारियों को ठीक करने में मदद करता है।  आप इसकी पूरी जानकारी वैदिकरूट्स आयुर्वेदा के वेबसाइट पर प्राप्त कर सकते हैं। 


आयुर्वेद किसी भी तरह की बीमारियों के जड़ तक जाके उसे ठीक करने की क्षमता रखता है | 


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आयुर्वेद और इतिहास: -


आयुर्वेद एक प्राचीन विज्ञान है।  भारत में इसका प्रचलन 5000 वर्षों में है।  आयुर्वेद शब्द संस्कृत भाषा से लिया गया है, यह शब्द अयुर  (जीवन) और वेद (ज्ञान) से आया है। आयुर्वेद की खोज भारत में हुई और इसका प्रयोग 1000 वर्षों से व्यापक रूप से किया जा रहा है।  परन्तु  अभी भी आयुर्वेद उपचार को वैकल्पिक चिकित्सा उपचार माना नहीं जाता है।


आयुर्वेद और तीन दोष: -


आयुर्वेद के तीन दोष: -  कफ , वात और पित्त 


आयुर्वेद के अनुसार मानव शरीर तीन ऊर्जा कार्यों पर वितरित होती है  जिसे हम त्रिया दोष या तीन दोष कहते हैं।  आयुर्वेद के अनुसार मानव शरीर इसी तीन संस्करण पर बना हुआ है। अगर मानव शरीर के कफ, वात और पित्त संतुलित में रहते हैं तो शरीर स्वस्थ रहता है।  आयुर्वेद दर्शन के अनुसार हमारा शरीर पांच तत्वों से बना होता है, पृथ्वी, जल , वायु , अग्नि और आकाश।  कफ, वात और पित्त इन पांचों के संयोजन से बनता है। 


आयुर्वेदिक दवा के लाभ: -


1 )  एक स्वस्थ शरीर के लिए अच्छा और संतुलित आहार बहुत जरूरी होती है। इसके साथ हम परिशिष्ट के तौर पर आयुर्वेद दवा ले सकते हैं , जो न केवल हमारे शरीर को स्वस्थ और संतुलित रखता है बल्कि एक ग्लोइंग त्वचा और मजबूत बाल प्रदान करने में सहयोग प्राप्त करती  है। 


2) उचित आहार न मिलना, अपच होना , मसालेदार भोजन आदि के कारण हमारे पेट में जलन और सूजन बन जाती है।  इसे रोकने और जड़ से खत्म करने के लिए हम आयुर्वेदिक दवा जैसे नीम कैप्सूल्स और अमला कैप्सूल्स ले सकते  हैं।  


3) आयुर्वेदिक दवा का मुख्य लाभ ये है की इनमे कोई भी  हानिकारक तत्व नहीं पाया जाती है। इसे हम सुरक्षित तरीके से उपयोग कर सकते हैं।


4) आयुर्वेद दवा एक हर्बल उपाय है जिसमे रस शास्त्र शामिल है।  रस शास्त्र विभिन्न तरह के सूक्ष्म धातु का मिश्रण  है।


 5 ) आयुर्वेदिक दवा का उपयोग शरीर को ऊर्जावान रखने के लिए होता है। इसका उपयोग हम कैंसर जैसी बीमारियों में इम्यूनिटी मजबूत करने के लिए कर सकते हैं।     


रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सफल है आयुर्वेदिक दवाइयाँ: -

आयुर्वेदिक दवा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में कारगर है।  आयुर्वेदिक दवा कोरोना जैसी बिमारियों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सफल रही। गिलोय कैप्सूल्स, कोरोना जैसी महामारी में बहुत उपयोगी रही। ऐसे ही कई और कैप्सूल्स जैसे की अमला कैप्सूल्स, नीम कैप्सूल्स , ब्राह्मी कैप्सूल्स आदि का उपयोग हम कर सकते हैं।  


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